उदयपुर : विश्व संगीत महोत्सव का समापन, फिजा में गूंजा बॉब मार्ले का गीत (लीड-1)

उदयपुर, 12 फरवरी (आईएएनएस) राजस्थान के उदयपुर में तीन दिवसीय विश्व संगीत महोत्सव का रविवार को रंगारंग समापन हो गया। महोत्सव के आखिरी दिन लंदन कम्युनिटी गोस्पेल कॉयर ने उदयपुर की फिजा को सुरमय बना दिया। बैंड ने पहली बार भारत में प्रस्तुति दी है। गोस्पेल कॉयर ने दिग्गज अंग्रेजी संगीतकार बॉब मार्ले के गाने ‘वन लव वन हार्ट’ को अलग अंदाज में पेश किया जिस पर पूरा स्टेडियम झूम उठा।

उदयपुर, 12 फरवरी (आईएएनएस) राजस्थान के उदयपुर में तीन दिवसीय विश्व संगीत महोत्सव का रविवार को रंगारंग समापन हो गया। महोत्सव के आखिरी दिन लंदन कम्युनिटी गोस्पेल कॉयर ने उदयपुर की फिजा को सुरमय बना दिया। बैंड ने पहली बार भारत में प्रस्तुति दी है। गोस्पेल कॉयर ने दिग्गज अंग्रेजी संगीतकार बॉब मार्ले के गाने ‘वन लव वन हार्ट’ को अलग अंदाज में पेश किया जिस पर पूरा स्टेडियम झूम उठा।

गोस्पेल कॉयर के प्रत्येक सदस्य सुर से सुर और ताल से ताल मिलाकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर रहा था। इटली, ब्राजील, भारत और लंदन के संगीतकारों ने फिजा में संगीत फैला दिया। इटली के ‘ऑफिसिना जो’ बैंड और ‘लंदन कम्युनिटी गोस्पेल कॉयर’ आकर्षण का केंद्र रहे। ध्रुव वोयेज बैंड का ‘सॉल्यूशन’ गाना देश के भ्रष्ट नेताओं पर केंद्रित रहा, जिसने सबसे ज्यादा तालियां बटोरीं।

यह महोत्सव मिसाल रहा कि संगीत की कोई जुबान नहीं होती। इस दौरान गैर हिंदी संगीतकारों को भी उतना ही पंसद किया गया जितना कि भारतीय संगीतकारों को। इटली का ऑफिसिना जो और लंदन कम्युनिटी गोस्पेल कॉयर इसकी मिसाल है।

दिन की शुरुआत ब्राजील की गायिका कानीजेर्स की मखमली आवाज से हुई। । इसके बाद फ्यूजन बैंड अदवेंता ने शास्त्रीय संगीत से माहौल में जोश भर दिया। इटली के ऑफिसिना जो बैंड लोगों के सिर चढ़कर बोला। इस बैंड के सभी छह कलाकार उम्रदराज है लेकिन इसके बावजूद सितार, सारंगी, तबला, हारमोनियम, गिटार और ढपली जैसे वाद्य यंत्रों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इटली भाषा की जानकारी न होने के बावजूद पूरा स्टेडियम इनके गानों पर झूम उठा।

देश के नामचीन गिटार वादक ध्रुव घानेकर ने भी खूब तालियां बटोरी। थ्रुव ने अपनी सहयोगी असम की महिला कलाकार के साथ लोगों का दिल जीत लिया। असम में बिहू के मौके पर गाए जाने वाला लोकगीत और राजस्थानी गीत को आधुनिक कलेवर में पेश किया। गिटार और अन्य वाद्य यंत्रों की जुगलबंदी भी लाजवाब रही। इनकी प्रस्तुति में लोकगीतों और पॉप एवं रॉक संगीत का मिश्रण रहा।

अंतिम दिन के कार्यक्रम फतह सागर झील के किनारे और गांधी ग्राउंड में हुए। आखिरी दिन होने की वजह से स्टेडियम पहले से ही खचाखचा भरा था। सुरक्षा की ²ष्टि से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती के साथ ड्रोन से भी नजर रखी जा रही थी। महोत्सव के दौरान ड्रोन भी खूब चर्चा का केंद्र रहा। लोग ड्रोन को भी कैमरे में कैद करने में जुटे हुए थे।

इस तीन दिवसीय विश्व संगीत महोत्सव में भारत सहित ब्रिटेन, इटली, दक्षिण अफ्रीका, सेनेगल, कनाडा, आर्मेनिया, तुर्की, मैसाडोनिया, मोजाम्बिक, नॉर्वे, ईरान, क्यूबा और स्विट्जरलैंड सहित कुल 16 देशों के 150 कलाकारों ने हिस्सा लिया।

स्टेडियम में मौजूद संगीत प्रेमी राजकुमार ने आईएएनएस को बताया, “मुझे संगीत बहुत पसंद है। इन तीनों दिन का भरपूर लुत्फ उठाया है। अब अगले साल इस कार्यक्रम का इंतजार रहेगा।”

महोत्सव के निदेशक संजीव भार्गव ने कहा, “हमें इन तीन दिनों के लिए एक साल काम करना पड़ता है। कलाकारों के साथ-साथ दर्शकों के बिना भी इस तरह के कार्यक्रम अधूरे हैं। अगले साल यह महोत्सव 9,10 और 11 फरवरी को होगा।”

उदयपुर विश्व संगीत महोत्सव का आयोजन 10 से 12 फरवरी तक किया गया और इसमें प्रवेश निशुल्क रहा। इस कार्यक्रम का आयोजन सहर ने किया। सहर के मुताबिक, महोत्सव के दौरान 35,000 लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

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