अतुल सिंह पर पीड़िता के पिता की मौत के मामले में हत्या की धारा 302 भी लगा दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पिटाई से पीड़िता के पिता की बड़ी आंत फट गई। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।
पुलिस ने कोर्ट में दाखिल एफआईआर में भाजपा विधायक के भाई पर हत्या की धारा 302 के तहत चलान पेश किया है। उधर इस प्रकरण की जांच के लिए एडीजी जोन की निगरानी में एक एसआईटी गठित की गई, जिसका नेतृत्व एसपी क्राइम ब्रांच लखनऊ और उनकी चार सदस्यी टीम करेगी।
प्रदेश के एडीजी (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार ने बताया कि उन्नाव मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन कर दिया गया है। एडीजी (लखनऊ जोन) राजीव कृष्णा की अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है। एसपी क्राइम ब्रांच के नेतृत्व में उनकी टीम रहेगी। टीम में डीएसपी श्वेता श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर अक्षय कुमार, इंस्पेक्टर अवधान पांडे इंस्पेक्टर जेपी यादव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि पीड़िता ने अपनी शिकायत में विधायक के अलावा भी कई लोगों का नाम लिया है। हालांकि 11 जून 2017 को दर्ज एफआईआर में विधायक सेंगर का नाम नहीं था, लेकिन 22 अगस्त 2017 को विधायक का नाम सामने आया था।
इस मामले की भी जांच की जाएगी कि एफआईआर के मामले में उन्नाव पुलिस की रिपोर्ट सही थी या नहीं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण के जितने भी पहलू है, उनका गहन अध्ययन करते हुए जो भी उचित कार्यवाही बनती है, वह की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पीड़िता के शिकायत है उसने सभी को समाहित किया जाएगा और सारे प्रकरण की नए सिरे से जांव की जाएगी और साक्ष्य और तथ्यानुसार कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एडीजी ने कहा कि इस मामले में भी जो भी शामिल है या जिनका नाम एफआईआर में है, उन सबसे पूछताछ की जाएगी। इस मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से भी एसआईटी की टीम पूछताछ करेगी।
पीड़ित के पिता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर एडीजी ने कहा कि सेप्टीसीमिया और कोलोन परफोरेशन से पीड़िता के पिता की मौत हुई है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एडीजी ने बताया कि इस मामले में आज विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ तीन अन्य लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है।
उधर इस मामले में डीजीपी ओपी सिंह ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा विधायक कुलदीप के भाई अतुल सिंह सेंगर को दुष्कर्म पीड़िता के पिता से मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी का कहना है कि अतुल सिंह के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं।
डीआईजी (एलओ) प्रवीण कुमार ने बताया कि पीड़िता के पिता की मौत के मामले में हत्या की धारा 302 भी बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि मुकदमे में धारा 147, 323, 504, 302 लगाई गई है। आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ होगी।
उधर, पीड़िता के पिता का पोस्टमार्टम होने के बाद मंगलवार की सुबह पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच उन्नाव के शुक्लागंज घाट पर पीड़िता के पिता के शव का अंतिम संस्कार कराया। वहीं पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच की मांग की है।
पीड़िता का कहना है, “मुझे नहीं पता कि अतुल सिंह को गिरफ्तार किया गया है कि नहीं। लेकिन अभी तक कुलदीप सिंह सेंगर को पुलिस ने नहीं पकड़ा है, उन्हें जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।”
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