नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपयोग किए हुए खाद्य तेल के जैविक डीजल में बदलाव को बढ़ावा देने के लिए सरकार उपयोग किए हुए खाद्य तेल पर से आयात शुल्क हटाने पर विचार कर रही है। यह बात बुधवार को सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कही।
उन्होंने एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) द्वारा यहां स्मार्ट शहर पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा, “हम ऐसे तेल पर शुल्क हटाएंगे। यदि ऐसा तेल देश में आएगा, तो उससे जैविक डीजल बनेगा।”
उन्होंने कहा, “हमने वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण से उपयोग किए हुए खाद्य तेल पर से आयात शुल्क हटाने का अनुरोध किया है, जिसे आम तौर पर फेक दिया जाता है और जो दुनिया भर में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।”
उन्होंने कहा, “इस तरह से बने जैविक डीजल का मूल्य पेट्रोलियम डीजल के मुकाबले प्रति लीटर 3-4 रुपये कम होगा। इस पर से यदि आयात शुल्क हटा लिया जाए, तो ऐसे जैविक डीजल का मूल्य 6-7 रुपये प्रति लीटर और कम हो जाएगा।”
मंत्री ने उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु और कर्नाटक के किसानों को गóो से ईथेनॉल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिले।
गडकरी ने कहा कि 100 बसें ईथेनॉल से चलाने की योजना है।
उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक और योजना पर हो रहे अध्ययन का जिक्र किया, जिसमें कचरों का उपयोग एक्सप्रेसवे और राजमार्ग बनाने में करने की योजना है।
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