रंजन के सेवा विस्तार के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में याचिका दायर करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने आरोप लगाया है कि मुख्य सचिव का सेवा विस्तार मात्र मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा लिखे एक पत्र के आधार पर कर दिया गया।
नूतन ने रंजन के सेवा विस्तार संबंधी 23 मार्च, 2016 के आदेश की प्रति सार्वजनिक की, जिसके अनुसार यह सेवा विस्तार मुख्यमंत्री के 16 फरवरी के पत्र के क्रम में आईएएस अफसरों के रिटायरमेंट संबंधी नियमावली के नियम 16(1) के अनुसार किया गया है।
नूतन ने कहा कि यह नियम के विपरीत है जिसमंे अन्य अधिकारियों की उपलब्धता, इस संबंध में किए गए प्रयास, सेवा विस्तार बढ़ाने के औचित्य और संबंधित अफसर की सत्यनिष्ठा आदि के संबंध में विस्तृत विवेचन की जाती है।
उन्होंने कहा कि कोर्ट ने शुक्रवार को इसी संबंध में राज्य सरकार से सूचना मांगी थी और अब इस पत्र से यह स्पष्ट हो गया है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि वह पूरक शपथपत्र के जरिये कोर्ट को इन तथ्यों से अवगत कराएंगी।
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