न्यायमूर्ति अजय लंबा और न्यायमूर्ति विजय लक्ष्मी की पीठ ने यह आदेश तिवारी की अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर और शासकीय अधिवक्ता को सुनने के बाद दिया। न्यायालय ने मामले में अगली सुनवाई सात जुलाई को तय की है। नूतन के अनुसार पिछली सुनवाई में न्यायालय ने सीओ गोमतीनगर को पर्यवेक्षण के आदेश दिए थे, पर उस स्तर पर अपेक्षित परिणाम नहीं देख कर एसएसपी को आदेश दिए गए हैं।
मामले में आरोप है कि कई लोगों ने स्वयं को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया, सेबी, आईआरडीए तथा आयकर विभाग का अधिकारी बताते हुए कई बार फोन कर तिवारी का विश्वास जीत लिया और उनसे धीरे-धीरे कर रिलायंस वैली के नाम से पुणे में एक खाते में 47.43 लाख रुपये जमा करा कर गायब हो गए। तिवारी ने अप्रैल, 2016 में मामला दर्ज कराया, लेकिन कहा गया कि गोमतीनगर थाने द्वारा इसमें कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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