मौके से पुलिस को चार पन्ने का अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला, जिसमें इस सामूहिक आत्महत्या का कारण कर्ज का बोझ होना बताया गया।
पुलिस के मुताबिक, थाना टीपीनगर क्षेत्र के रघुकुलविहार कालोनी के पास गुप्ता कालोनी में रहने वाले मोहन अरोड़ा (70) और उनका बेटा विनीत अरोड़ा (40) स्पेयर पार्टस का कारोबार करते हैं। रोज की तरह जब परिवार सुबह नहीं दिखा तो आसपास के लोगों ने घंटी बजाना शुरू किया। इसके बाद भी कोई हरकत न होने पर झांककर देखा तो अंदर कमरे में मोहन अरोड़ा बेड पर गिरे पड़े थे।
अनहोनी की आंशका देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो मोहन अरोड़ा मृत पड़े थे। अंदर जाकर देखा जाल से व्यापारी विनीत अरोड़ा, उसकी पत्नी पूजा अरोड़ा (38), मां कृष्णा अरोड़ा (65 )और विनीत का 13 साल का बेटा अभिषेक झूल रहे थे।
इन सभी ने फांसी पर लटकने से पहले अपने हाथ की नस भी काटी थी। घर में फर्श पर चारों ओर खून फैला पड़ा है। पुलिस ने शवों को उतारा और कार्यवाही में जुट गई। आईजी के बाद एसएसपी जे रविंद्र गौड़ भी मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने शवों के पास अंग्रेजी में लिखा चार पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया। सुसाइड नोट में परिवार के सदस्यों ने देनदारी व लेनदारी समेत सभी जिंदगी के पहलुओं के बारे में लिखा है। पूरे परिवार ने आत्महत्या करने से पहले घर में हवन-पूजन किया था।
आईजी अजय आनंद ने बताया कि मामला सामूहिक आत्महत्या से जुड़ा है। वह भी मौत का कारण कर्जा होना बता रहे हैं। फिलहाल, पुलिस गहनता से मामले की जांच में जुट गई है। घटना के बाद पूरी कालोनी सदमे में है।
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