प्रतिनिधिमंडल में शामिल उर्दू अकादमी के सदस्य डॉ. शहदाब आलम, धीरेंद्र जायसवाल, मिर्जा मुश्ताकबेग, नजम एहसन व एजाज रिजवी ने राजनाथ को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया है कि अब तक जो आरक्षण की व्यवस्था सरकारी नौकरी, शिक्षण संस्थान व अन्य जगह लागू है, उससे पिछड़े मुसलमानों व अति पिछड़े हिंदू जातियों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। आरक्षण का लाभ विशेष प्रभावशाली जातियों को ही मिल पा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि प्रस्तावित तीन श्रेणियों में से एक श्रेणी केवल पासमांदा मुसलमान के लिए 8 प्रतिशत अलग से व्यवस्था कर दी जाए, ताकि अल्पसंख्यकों को भी सरकारी नौकरी व अन्य संस्थाओं में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
एजाज रिजवी ने बताया कि राजनाथ सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातें ध्यान से सुनी और उन्होंने विश्वास दिलाया कि इस शासनादेश पर अमल करते हुए भारत सरकार आरक्षण की नई व्यवस्था लागू करवाई जाएगी और अल्पसंख्यक एवं गरीब अति पिछड़ी हिंदू जातियों को भी न्याय मिलेगा।
dharmpath.com dharmpath