लखनऊ/वाराणसी, 7 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में पूर्वाचल के पिछड़े इलाकों से खिलाड़ी अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचने में कामयाब हो सकेंगे। खेल विभाग के अधिरकारियों का दावा है कि वाराणसी, गाजीपुर और चंदौली को स्पोर्ट्स हब बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है और जल्द ही इसे मूर्त रूप दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि तीनों जिलों को खेलो इंडिया प्रोजेक्ट के साथ जोड़ा जा रहा है। इससे स्टेडियम में साल भर अलग-अलग खेलों का आयोजन होता रहेगा। स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए सभी सुविधाएं मौजूद रहेंगी।
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि खेलो इंडिया प्रोजेक्ट के तहत सिगरा स्टेडियम को क्रिकेट और लालपुर को फुटबॉल की प्रतियोगिताओं के लिहाज से तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए लाकर की सुविधा, मुख्य भवन का अपग्रेडेशन, वाहन स्टैंड, आरओ प्लांट, अतिथि गृह, कबड्डी व बॉक्सिंग रिंग पर जाली लगाने का काम किया जाएगा।
खेल राज्यमंत्री के निर्देश के बाद सिगरा स्टेडियम में अपग्रेडेशन कार्य की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
गाजीपुर में हॉकी के एस्ट्रोटर्फ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। चंदौली में भी स्टेडियम के लिए जमीन की तलाश पूरी हो चुकी है और उस पर काम भी मई के अंत तक शुरू हो जाएगा।
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी श्याम सुंदर मिश्र के मुताबिक, राज्यमंत्री के निर्देशानुसार स्टेडियम में दो दर्शक दीर्घा का निर्माण किया जाना है। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को ठहरने के लिए 56 बेड का आवासीय भवन का निर्माण, तीन क्रिकेट पिच व एक प्रैक्टिस पिच और लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क की तरह ही आम लोगों व खिलाड़ियों के लिए जॉगिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।
गौरतलब है कि खेलो इंडिया कार्यक्रम के जरिए सरकार देश में खेल का माहौल बदलना चाहती है। इसके तहत हर साल देशभर से एक हजार मेधावी खिलाड़ियों का चयन करना केंद्र का मकसद है। इसके तहत अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को बेहतरीन प्रशिक्षण, आधुनिक सुविधाएं और खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
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