अपर शासकीय अधिवक्ता वीरेश सिंह ने बताया कि थाना पसगवां के ग्राम दूल्हापुर किसान निवासी रघुनाथ ने थाना पसगवां में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था, “13 नवंबर, 2005 को मेरे भाई मुन्ना की पत्नी व मेरे ममेरे भाई देवरतन की पत्नी के बीच बकरी के बच्चों को लेकर विवाद हो गया। देर रात जब मेरा भाई घर आया तो मुन्ना की पत्नी ने उसे विवाद की बात बताई। मुन्ना अपने घर में ही देवरतन को गाली देने लगा। गाली सुनकर देवरतन व उसकी पत्नी गोदावरी हाथों में लाठी लेकर आ गए और मुन्ना को पीटना शुरू कर दिया। लाठी मुन्ना के सिर में लगी। रात में कोई गाड़ी न मिल पाने के कारण मुन्ना को अस्पताल नहीं लाया जा सका। 14 नवंबर की सुबह मुन्ना की मौत हो गई।” पुलिस नें विवेचना कर पत्रावली न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की।
न्यायालय ने अपर शासकीय अधिवक्ता वीरेश कुमार सिंह के तर्को से सहमति जताते हुए देवरतन व गोदावरी को दोषी करार दिया तथा दोनों को 10-10 वर्ष के कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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