लखनऊ, 24 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सात अहम प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। सरकार ने राज्य के बुंदेलखंड एवं विंध्य क्षेत्र के 6240 गावों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए 14,800 करोड़ रुपये खर्च करने संबंधी योजना को मंजूरी प्रदान कर दी।
बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि बैठक में सात प्रस्ताव आए थे, जिनको सरकार ने हरी झंडी दे दी।
सिद्घार्थनाथ ने कहा, “कैबिनेट की बैठक में सबसे अहम रहा कि सरकार ने बुंदेलखंड और विन्ध्य क्षेत्र सहित 6,240 गावों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए सरकार पाइपलाइन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल मुहैया कराएगी। इस पर 14,800 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत आएगी।”
उन्होंने बताया, “इस योजना में बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के गावों के अलावा उन गावों को भी शामिल किया गया है, जो जापानी इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित हैं। इन गावों में आर्सेनिक और फ्लोराइड की मात्रा ज्यादा होने की वजह से पानी पीने लायक नही रह गया है, इसीलिए सरकार ने योजना के तहत इन गावों को स्वच्छ पानी मुहैया कराने का फैसला किया है।”
सिद्घार्थनाथ ने कहा, “कुम्भ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के लिए भी सरकार ने चार अखाड़ों को उनकी अपनी जमीनों पर भवन निर्माण के लिए 5.19 करोड़ रुपये देने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इनमें पंचदास आहवान अखाड़ा, पंच निर्मोही अखाड़ा, बागम्भरी मठ और अग्नि पंथ अखाड़ा परिषद शामिल हैं। ये अखाड़े अपनी जमीनों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भवन निर्माण का काम कराएंगे।”
सिद्धार्थनाथ ने बताया, “एसजीपीजीआई में लीवर ट्रांसप्लांट एवं हिप्टोबिलेरिये विभाग के भवन निर्माण के लिए पहले 26.67 करोड़ रुपये का प्रस्ताव लाया गया था, बाद में इसे बढ़ाकर 59़12 करोड़ रुपये किया गया था। अब इसकी वास्तविक लागत बढ़कर 67़19 करोड़ रुपये हो गई है। इस प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है। सरकार ने आदेश दिया कि भवन एक वर्ष के भीतर बन जाना चाहिए।”
प्रवक्ता ने बताया, “प्रधानमंत्री ने 15 जुलाई को मिर्जापुरी में राजकीय मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास किया था। तीन-तीन संसदीय क्षेत्रों के बीच एक मेडिकल कॉलेज की परिकल्पना को साकार करने के लिए ही इस मेडिकल कॉलेज की नींव रखी गई है। इस मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन का इंतजाम किया गया है। मिर्जापुर जिला अस्पताल के पास 10.27 एकड़ जमीन पहले से है, लेकिन सरकार के नियमों के मुताबिक मेडिकल कॉलेज के पास कम से कम 20 एकड़ जमीन होनी चाहिए। इसीलिए अब सरकार ने कृषि विभाग से 10 एकड़ जमीन चिकित्सा विभाग को स्थानांतरित करने को मंजूरी दे दी है।”
सिद्घार्थनाथ ने कहा, “उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा नियमावली 1975 में संशोधन कर पाठयक्रम में परिवर्तन की मंजूरी प्रदान की गई है। पहले न्यायिक सेवा का पाठयक्रम जमीदारी को लेकर था, अब इसे राजस्व को केंद्र में मानकर तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सरकार ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 256़ 15 करोड़ रुपये और मैनपुरी में सैनिक स्कूल के लिए 10 करोड़ रुपये देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।”
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