शहर कोतवाली राजीव रंजन उपाध्याय ने तहरीर के आधार पर धारा 147, 149, 332, 436, 427 आईपीसी व सात सीएल एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। नामजद कैदियों में मुख्तार का शूटर तथा मऊ के बहुचर्चित मन्ना सिंह हत्याकांड का मुल्जिम अमरेश कनौजिया के अलावा शेरपुर खुर्द के ललन राय हत्याकांड का आरोपी बड़क राय, आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा सैदपुर का अविनाश उर्फ सिप्पू तथा करीमुद्दीनपुर थाने के हरदासपुर निवासी सिरियल किलर पंकज राय सहित प्रमोद तिवारी, अंकुर सिंह, अशोक उर्फ पिंटू, रवींद्र, महेंद्र, गोरख, बिंद, सत्येंद्र सिंह का नाम शामिल है।
जेल अधीक्षक के मुताबिक, बैरकों की सघन तलाशी में 36 मोबाइल फोन तथा अन्य सामान बरामद किया गया था, जिससे कैदी खफा थे। उन्होंने कैदियों को बवाल के लिए बरगलाया और उकसाया। जेल की बैरकें सुबह खोली गईं।
संबंधित कैदियों को न्यायालय भेजने की कार्यवाही शुरू थी। उसी बीच कैदी गोलबंद होकर उपद्रव शुरू कर दिया। स्टोर रूम में आग लगा दी, सरकारी अभिलेख जला दिए। एलईडी चक्र की गुमटी सहित बिजली के तार, सीसीटीवी कैमरे वगैरह तोड़ दिए। साथ ही बंदी रक्षकों पर पथराव करने लगे। कैदियों को काबू में करने के लिए जेल अधीक्षक ने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से चार तथा बंदी रक्षकों ने अपनी सर्विस राइफल से दस राउंड गोलियां दागीं।
घटना की सूचना मिलने के बाद डीएम संजय कुमार खत्री, एसपी अरविंद सेन सहित अन्य अधिकारी फोर्स मौके पर पहुंचे। तब हालात काबू में आया। घटना के बाद एडीएम आनंद शुक्ल घंटों जेल में रुककर कैदियों तथा जेल कर्मियों के बयान लिए।
डीएम और एसपी ने शुक्रवार को अचानक जेल में छापामारी की थी। तब बैरक नंबर तीन से मोबाइल फोन तथा अन्य बैरकों से तास की गड्डियां, फल वगैरह बरामद हुए थे। डीएम ने उस मामले को गंभीरता से लिया था।
उसके बाद जेल अधिकारी हरकत में आए और बैरकों की सघन तलाशी ली। इसी बीच डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि जेल में हुए बवाल की जांच की जिम्मेदारी उन्होंने अपर एसडीएम को सौंपी है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ जेल कर्मियों की शिकायत मिली है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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