इस अवसर पर भीड़ के मद्देनजर थानों के पुलिस बलों भी बड़ी तादाद में लगाया गया। बहनें जेल में अपने भाइयों से मिलकर भावुक होकर अपने आंसू नहीं रोक सकीं।
जिला कारागर में सुबह से ही बहनों का पहुंचना शुरू हो गया और अपने हाथों में भाइयों को बांधने के लिए राखी लिए जेल के अंदर जाने की इजाजत का बहनें बेताबी से इंतजार कर रही थीं। गर्मी से परेशान कई बहनें बेहोश तक हो गईं, लेकिन भाई को रक्षा का धागा बांधने से पीछे नहीं रहीं।
जेल में दिव्यांग बंदी में ट्राईसाइकिल से बहन के पास तक आया और राखी बंधवाने से नहीं चूका। जेल के बाहर बहनों को मोहर लगाने की अव्यवस्था से बहनों ने परेशानी उठाई और अंदर कई-कई घंटे भाई के आने का इंतजार किया। अव्यवस्था के मामले में जेल प्रशासन भीड़ अधिक होने के कहकर अपना बचाव करता रहा।
इस संबंध में जिला कारागार अधीक्षक मोहम्मद अकरम खां ने बताया कि रक्षा बंधन पर कई बहनों ने आज जेल में आकर अपने भाइयों को राखी बांधी और तिलक किया।
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