उच्च न्यायालय ने 13 जनवरी 2016 को प्रदेश सरकार को चार सप्ताह में अभिलेख देने को कहा था पर उसने इसका पालन करने की जगह सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर किया जो 14 मार्च को पहली सुनवाई के दिन ही खारिज हो गया। इसके बाद अमिताभ ने अवमानना याचिका दायर किया जिसमें न्यायालय ने प्रमुख सचिव गृह देबाशीष पांडा को नोटिस जारी किया।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने अमिताभ को अभिलेख देने का निर्णय किया और आज डीजीपी ऑफिस ने उनके निवास पर ये अभिलेख पहुंचाये हैं, यद्यपि गृह विभाग के अभिलेख अभी उन्हें नहीं दिए गए हैं। अमिताभ के खिलाफ उच्च न्यायालय के आदेश से 13 जनवरी से जांच रुकी हुई है।
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