उप्र : डेंगू पर अदालत की फटकार, हरकत में आई सरकार

प्रदेश के मुख्य सचिव राहुल भटानगर को खुद संबंधित विभागों के माध्यम से आम जनता से अनुरोध करना पड़ा कि वह डंेगू के प्रकोप से बचाव के लिए अपने घरों में कूलर, टब, गमले आदि में जल एकत्रित न होने दें। सफाई व्यवस्था एवं फॉगिंग के कार्य में और गति लाने को कहा और नगर निगम के कर्मियों के अवकाश निरस्त करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक अवकाश दिवसों में संबंधित कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन और अधिक तन्मयता के साथ सुनिश्चित कराएं, ताकि डेंगू प्रकोप से आम नागरिकों को बचाने में पूरा सहयोग किया जा सके।

मुख्य सचिव शास्त्री शनिवार को भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में डेंगू से प्रभावित रोगियों के समुचित इलाज एवं बचाव के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक कर आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के समस्त सरकारी अस्पतालों में स्थापित फीवर हेल्थ डेस्क को और अधिक सक्रिय कर डेंगू से प्रभावित रोगियों का उचित मार्गदर्शन एवं नि:शुल्क जांच व उपचार समय से उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में डेंगू से प्रभावित ज्यादा मरीज होने की जानकारी मिल रही हो, ऐसे स्थानों की जीआईएस मैपिंग कराकर डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग एवं लार्वा रोधी स्प्रे का छिड़काव प्रत्येक सप्ताह में तीन-चार बार कराया जाए।

बैठक में नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि लगभग दो हजार व्यक्तियों को जल भराव का दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध नगर निगम अधिनियम के तहत नोटिस निर्गत कर सचेत किया गया है कि वे जलभराव कतई न करें।

उन्होंने बताया कि मच्छरों के घनत्व को कम किए जाने के लिए उनके स्रोतों को नष्ट किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा सिविक बाई लॉज का कड़ाई से पालन कराते हुए अभियान चलाकर रुके हुए पानी को खत्म करने और कूड़े की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में प्रमुख सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अरुण कुमार सिन्हा सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

About admin


Notice: ob_end_flush(): Failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home4/dharmrcw/public_html/wp-includes/functions.php on line 5493