आरोपी बहुत समय से पीड़िता को मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहा था। मुकदमा वापस न लेने पर उसने महिला की गला काटकर हत्या कर दी थी। इस पर न्यायालय ने दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दीवानी कचेहरी के सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी फिरोज अहमद खां ने बताया, “श्रावस्ती जिले के अचरौरा सोनवा गांव निवासी लौंडऊ ने 31 मार्च, 2014 को दिन में 11 बजे घर में घुसकर छुरे की नोंक पर महिला के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल में उसका अश्लील एमएमएस भी बनाया। महिला के शोर मचाने पर परिवारीजन दौड़े तो छुरा लहराते हुए आरोपी फरार हो गया।”
पीड़ित महिला ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन कार्रवाई न होने पर एसपी श्रावस्ती को मामले से अवगत कराया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो आरोपी सुलह समझौता करने के लिए दबाव बनाते हुए प्रार्थना पत्र वापस लेने की बात कहने लगा। कई बार उसने धमकी भी दी। लेकिन महिला ने सुलह समझौता न करने की बात कही। इस पर 22 फरवरी को आरोपी लौंडऊ ने महिला की गला काटकर हत्या कर दी।
मामले की फाइल अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम अनिल कुमार वशिष्ठ के न्यायालय में पेश हुई। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी लौंडऊ को दोषसिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है।
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