मछली शहर थाना क्षेत्र के मुस्तफाबाद ग्राम निवासी समीर खान 12 वर्ष पुत्र ईदू खान पिछले दो दिन से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने पहले उसका इलाज मछलीशहर के एक निजी नर्सिग होम में कराया, लेकिन हालत में कोई सुधार नहीं हुआ तो वे उसे लेकर जिला अस्पताल ले गए, जहां डाक्टरों ने स्थिति गंभीर होने पर वाराणसी रेफर कर दिया। परिजन पीड़ित किशोर को वाराणसी ले जाने के लिए पैसों के बंदोबस्त में जुट गए, जिसमें काफी देरी हो गई और किशोर की मौत हो गई।
परिजनों ने बताया कि उनके पास एक हजार व पांच सौ के पुराने नोट थे। कोई उसे लेने को तैयार नहीं हुआ। नतीजन वक्त पर इलाज नहीं मिलने से समीर की मौत हो गई। इस घटना की क्षेत्र में जहां मातम है, वहीं नोटबंदी के चलते आक्रोश भी बढ़ रहा है।
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