जिले के थाना करहल के गांव रूपपुर निवासी सोबरन सिंह ने 29 जून, 2014 की शाम शराब पीने के लिए अपनी पुत्री सपना से रुपये मांगे। सपना के रुपये देने से मना करने पर सोबरन ने बेटी को बुरी तरह पीटा फिर गर्दन पर लात रखकर उसकी हत्या कर दी। बाद में पत्नी ममता को भी पीट-पीटकर मार डाला था।
घटना की रिपोर्ट ममता के मायके वालों ने दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद अभियुक्त के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।
अभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। उच्च न्यायालय से उसे जमानत नहीं मिली। घटना की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक में हुई जहां अन्य गवाहों के साथ अभियुक्त की एक पुत्री ने भी अभियुक्त के विरुद्ध अदालत में अपना बयान दिया।
साक्ष्यों तथा अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप यादव के तर्को से सहमत होकर न्यायाधीश गुरुप्रीत सिंह बाबा ने मंगलवार को अभियुक्त को घटना के लिए दोषी करार दिया था। अभियुक्त की सजा का निर्धारण करते हुए न्यायाधीश ने फांसी की सजा सुनाई है।
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