पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस वाता में एसपी सिटी प्रदीप कुमार ने बताया कि 21 अक्टूबर को आधा दर्जन बदमाश राजू उर्फ रजनीश यादव के कहने पर पत्रकार राजेश मिश्रा को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें तीन अभियुक्त को पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे, लेकिन पवन यादव गिरफ्तार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक द्वारा इसपर 10 हजार इनाम घोषित कर दिया गया था।
उन्होंने बताया कि करंडा थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल सेन व रामपुर मांझा चौकी प्रभारी अमित कुमार मिश्रा की टीम को शुक्रवार सुबह मुखबिर की सूचना मिली कि एक बदमाश बाइक से नंदगंज की तरफ आ रहा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर बाइक रोकने का इशारा किया तो बदमाश बाइक मोड़कर भागना चाहा, लेकिन पुलिस ने दबोच लिया। पूछताछ में बदमाश ने अपना नाम पवन यादव बताया। उसने बताया कि वह राजीव उर्फ रजनीश यादव का दोस्त व उसके गैंग का सदस्य है।
पूछताछ में उसने स्वीकार किया गया पत्रकार राजेश मिश्रा हत्याकांड में राजीव यादव के कहने पर वह उसके साथ पल्सर चलाकर आया था। उसने एक वर्ष पूर्व चोचकपुर बाजार में रामजी गुप्ता से रंगदारी मामले में की गई फायरिंग में शामिल था।
बदमाश पवन यादव के पास से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस, हत्याकांड में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की गई।
पुलिस अधीक्षक ने इनामी को पकड़ने वाली टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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