उप्र : प्रत्याशी ने दूल्हा बनकर किया नामांकन

शाहजहांपुर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव में नामांकन और प्रचार के दौरान प्रत्याशी तरह-तरह के अंदाज अपना रहे हैं। जहां आजमगढ़ में ‘अर्थी बाबा’ सैनेटरी पैड की माला पहन कर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं, वहीं सोमवार को शाहजहांपुर में लोकसभा के एक प्रत्याशी ने दूल्हे के लिबास में पूरी बारात के साथ नामांकन दाखिल किया।

शाहजहांपुर, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में आगामी लोकसभा चुनाव में नामांकन और प्रचार के दौरान प्रत्याशी तरह-तरह के अंदाज अपना रहे हैं। जहां आजमगढ़ में ‘अर्थी बाबा’ सैनेटरी पैड की माला पहन कर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं, वहीं सोमवार को शाहजहांपुर में लोकसभा के एक प्रत्याशी ने दूल्हे के लिबास में पूरी बारात के साथ नामांकन दाखिल किया।

सोमवार को संयुक्त विकास पार्टी के प्रत्याशी वैद्यराज किशन बकायदा सेहरा सहित दूल्हे का लिबास पहन कर घोड़ी पर सवार हुए और अपने एक सैकड़ा से अधिक बरातियों के साथ बैंडबाजा के धुन पर नाचते-गाते कलेक्ट्रेट की तरफ चल दिए। पहले तो लोगों को भरोसा नहीं हुआ कि कोई प्रत्याशी नामांकन करने जा रहा है, लेकिन जैसे ही उन्होंने बारातियों के साथ कलेक्ट्रेट के अंदर प्रवेश करने की कोशिश की, वहां गेट पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने बारात रोक ली और सिर्फ ‘दूल्हे’ (प्रत्याशी) और प्रस्तावक को ही अंदर जाने दिया। जहां उन्होंने मौजूद अधिकारियों के समक्ष अपना पर्चा भरा।

मंगलवार को दूल्हे प्रत्याशी वैद्यराज किशन ने आईएएनएस से कहा, “सोमवार को उनकी शादी की सालगिरह थी, इसलिए सालगिरह और नामांकन को यादगार बनाने के लिए उन्होंने दूल्हे के लिबास में अपना नामांकन दाखिल किया है।” उन्होंने बारातियों को ‘मंडप’ (नामांकन कक्ष) तक न पहुंचने देने पर नाराजगी भी जताई।

जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी अमृत त्रिपाठी ने कहा, “निर्वाचन आयोग के आदेशनुसार किसी भी प्रत्याशी के समर्थकों का कलेक्ट्रेट के अंदर प्रवेश वर्जित है। इसीलिए वैद्यराज किशन के जुलूस को रोका गया है।”

पिछले आम चुनाव में किशन ने अर्थी पर लेट कर अपना नामांकन दाखिल किया था, जबकि 2009 के चुनाव में भैंसा गाड़ी की सवारी कर उन्होंने पर्चा भरा था। गौरतलब है कि आजमगढ़ लोकसभा सीट से एक प्रत्याशी ‘अर्थी बाबा’ सैनेटरी पैड की माला पहन कर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं और अपना चुनाव कार्यालय श्मशान घाट को बनाए हुए हैं।

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