एडीजीसी वंदना श्रीवास्तव के अनुसार, वादी ने 14 अक्टूबर, 2015 को लोहता थाने में तहरीर दी थी। वादी ने आरोप लगाया, “लालू कई दिनों से उसकी बेटी के साथ अश्लील हरकत कर रहा था। 14 अक्टूबर की सुबह 11 बजे बेटी घर के पास खेल रही थी। तभी लालू आया और बेटी को फुसलाकर गली में ले गया। इसके बाद अश्लील हरकत करने लगा। बच्ची के रोने की आवाज पर आसपास के लोग पहुंचे तो लालू भाग निकला।”
पुलिस ने लालू के खिलाफ पाक्सो एक्ट, अश्लील हरकत की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। मामले पर सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) अचल सचदेव की अदालत ने लालू को दोषी करार दिया और पांच साल कैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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