बकरी पालक देवेंद्र सोलंकी के पुत्र दिनेश सोलंकी ने बताया कि उसकी बड़ी बकरी ने जब बच्चे दिए तो उनमें से एक मादा को उसने अपने पास ही रखा, पाला-पोसा। चौदह महीने बाद देखा गया कि छोटी बकरी के थन बड़े हो रहे हैं। एक दिन अचानक बकरी के धन से दूध टपकने लगा। उसने जब दूध निकाला तो करीब एक लीटर दूध एक बार में निकला। यह बात पूरे गांव और आस-पास के क्षेत्र में फैल गई।
लोग छोटी बकरी को दूध देती देख इसे दैवीय चमत्कार मानकर उसकी पूजा-अर्चना करने लगे। गांव में दुधारू छोटी बकरी को देखने के लिए लोग उमड़ रहे हैं। देवेंद्र के घर आने-जाने वालों की भीड़ लगी है।
पशु चिकित्सक का कहना है कि बकरी में उम्र के साथ हार्मोन्स की एकसाथ वृद्धि होने के कारण वह दूध दे रही है। यह कोई दैवीय चमत्कार नहीं है। ऐसा प्राय: दुधारू पशुओं में देखा गया है।
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