लखनऊ, 21 मई (आईएएनएस)। कई बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर फरार चल रहे बिहार के कुख्यात अपराधी दिलीप सिंह को लखनऊ से शनिवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह करीब छह महीने से छिपकर लखनऊ में रह रहा था।
उत्तर प्रदेश आतंकवाद-रोधी दस्ता (एटीएस) व बिहार विशेष कार्रवाई बल (एसटीएफ) को संयुक्त आपरेशन में यह सफलता मिली। बिहार के डीजीपी ने दिलीप की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था।
यूपी एटीएस के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) असीम अरुण ने शनिवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि बिहार में समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र स्थित माहे गांव का दिलीप तीन बार पुलिस की हिरासत से भाग चुका है। उसके विरुद्ध बिहार, उप्र व पश्चिम बंगाल में कुल 17 मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ बिहार की टीम ने एटीएस मुख्यालय आकर उसकी गिरफ्तारी में सहयोग मांगा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए समस्तीपुर की कोर्ट ने वारंट भी जारी किया था।
उन्होंने बताया कि एटीएस लखनऊ की टीम ने एसटीएफ बिहार की टीम के साथ जानकारी की तो उसके रायबरेली रोड स्थित वृंदावन योजना में किराये पर मकान लेकर रहने का पता चला।
अरुण ने बताया कि दोनों टीमों ने शुक्रवार की रात वीआईपी रोड पर पकरी पुल के पास उसे पकड़ लिया। किराये पर मकान दिलाने वाले उसके स्थानीय मददगार से भी पूछताछ की जा रही है।
उन्होंने बताया कि दिलीप इससे पहले भी लखनऊ में गिरफ्तार हुआ था। वर्ष 2009 में यूपी एसटीएफ ने उसे सीवान के कुख्यात त्रिभुवन तिवारी के साथ पकड़ा था। यहां से पेशी पर ले जाने के दौरान समस्तीपुर के रोसड़ा से वह फिर फरार हो गया था।
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