मौलाना जव्वाद ने बताया, “आज (शुक्रवार) ओलमाओं का एक प्रतिनिधिमंडल मुजफ्फरपुर रवाना होगा, जो हालात का जायजा लेगा। कोशिश होगी कि सरकारी अफसरों से मुलाकात हो ताकि स्थिति में सुधार हो सके और मौलाना काजिम शबीब और उनके साथियों को रिहा कराया जा सके। प्रतिनिधिमंडल 29 जुलाई को मुजफ्फरपुर पहुंचेगा और जायजा लेगा। फिर हालात की समीक्षा करेगा, ताकि हर संभव कदम उठाया जा सके।”
उन्होंने कहा, “वक्फ माफियाओं की वजह से जो स्थिति उप्र में वक्फ की रही है, कमोबेश वही स्थिति बिहार में भी है। जो लोग फटी जूतियां पहनते थे, आज वक्फ संपत्तियां बेच-बेचकर करोड़पति हो गए हैं।”
जव्वाद ने शिया वक्फ बोर्ड के माध्यम से जारी एक पत्र का उल्लेख करते हुए कहा, “अब वक्फ भक्षक शिया कौम और मरजईयत पर आतंकवाद के समर्थन और धन सहायता का आरोप लगा रहे हैं। मुझे आतंकवादी लिखा गया है और कहा गया कि ईरान और इराक से आतंकवादियों को शरण देने के लिए मुझे पैसे मिल रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “इस आरोप की चपेट में पूरी शिया कौम है और मरजईयत को भी निशाना बनाया गया है। यह निंदनीय और दुखद है। ऐसे लोगों का आज भी कुछ लोग साथ दे रहे हैं, वे लोग भी इस अपराध में बराबर के भागीदार हैं।”
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