मौरंग माफियाओं ने बेतवा नदी की जलधारा रोकर अस्थायी पुल बना दिए थे और इस पुल के जरिये मौरंग को ढोकर पड़ोसी जिले जालौन ले जाया जा रहा था।
इस मामले की शिकायत प्रशासन को मिली तो इस पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी संध्या तिवारी ने एसडीएम और खनिज अधिकारी रामकुमार को अस्थाई पुलों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए तो खनिज और सरीला प्रशासन हरकत में आ गया।
खनिज अधिकारी रामकुमार, सर्वेयर विजय भूषण तिवारी सरीला गए, जहां सीओ और एसडीएम के साथ रिरुआ बसरिया में जाकर ताबड़तोड़ कार्रवाई की। भारी फोर्स के साथ पहुंचे अधिकारियों ने जेसीबी मशीन जरिये बेतवा नदी पर बने अस्थायी पुलों को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की।
कुछ ही घंटे के भीतर बेतवा नदी को अस्थायी पुल से मुक्त करा दिया गया। बेतवा नदी में बनाए गए पुल को तोड़ने की खबर से मौरंग माफियाओं में हड़कंप मच गया है। इस मामले में खनिज विभाग के सर्वेयर विजय भूषण तिवारी ने बताया कि रिरुआ बसरिया में बेतवा नदी में बने तीन अस्थायी पुलों को आज तोड़ दिया गया है, जबकि यह कार्रवाई अभी जारी है।
उनका कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह कार्रवाई की गई है और बेतवा व अन्य नदियों में जांच की जा रही है कि कहीं और तो अस्थायी पुल नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि जो भी नदियों में अस्थायी पुल बने दिखेंगे तो उन पर बुलडोजर चलवाया जाएगा।
इससे पहले भी बेतवा नदी की जलधारा रोकर अस्थायी पुल बनाकर अवैध मौरंग के खनन करने का खेल इस जिले में चल रहा था, जिसमें विधायक के विरोध के बाद तत्कालीन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशुतोष निरंजन ने भारी फोर्स के साथ जाकर अस्थायी पुल को ध्वस्त करा दिया था।
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