संगठन के एक पदाधिकारी ने अपने ट्विटर पर लिखा, “आज यदि जम्मू एवं कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और पश्चिम बंगाल भारत का हिस्सा है तो उसकी नींव में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का बलिदान है। डॉ. मुखर्जी ने सत्ता के मोह को त्याग कर अपने सिद्धांतों व देश सेवा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया और देश की मिट्टी की सुगंध से सुवासित देश के पुनर्निर्माण के उद्देश्य से जनंसघ की स्थापना की।”
नमन के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने ट्वीट में कहा, “महान शिक्षाविद, प्रखर राष्ट्रवादी नेता और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।”
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “राष्ट्रवाद के प्रबल प्रणेता, अखिल भारतीय जनसंघ के संस्थापक, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन।”
उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या ने कहा, “भारतीय जनसंघ के संस्थापक व प्रकांड विद्वान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर कोटि-कोटि नमन।”
कैबिनेट मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा, “हमारे प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की जयंती पर सादर नमन।”
परिवहन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, “डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी नवभारत के निर्माताओं में से एक महžवपूर्ण स्तंभ हैं। उनकी जन्म-जयंती पर कोटि कोटि नमन।”
इसी प्रकार कई नेताओं ने डॉ. मुखर्जी को ट्विटर के माध्यम से नमन किया।
dharmpath.com dharmpath