बिना अनुमति के चुनावी कार्यक्रम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। वहां मंत्री तो मौजूद नहीं थे, लेकिन चुनावीसभा का सामान जरूर मिला। पुलिस ने सामान जब्त कर लिया, साथ ही दो लोगों को हिरासत में ले लिया है। हालांकि बाद में राजनीतिक दबाव के चलते दोनों को छोड़ दिया गया।
मामले की जांच के लिए संबंधित आरओ संतोष बहादुर सिंह ने थानेदार को नोटिस जारी किया गया। साथ ही उनका स्पष्टीकरण भी मांगा गया कि अगर कोई चुनावी सभा हुई थी तो उन्होंने क्या कार्रवाई की है। उसके बाद गंगानगर में चुनावी सभा बिना अनुमति के होने की रिपोर्ट दी, जिस पर प्रशासन की तरफ से आचार संहिता उल्लंघन के मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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