उप्र : महिला सिपाही नीतू की आत्महत्या, और ‘4-अंक’ का फेर!

बांदा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। घटना की तारीख ‘चार’ सितंबर, मौत का समय शाम ‘चार’ बजे, आरोपी ‘चार’ पुलिसकर्मी, मृतका के मोबाइल फोन में ‘चार’ सिम कार्ड और सुसाइड नोट भी ‘चार’ माह पुराना! जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के कमासिन थाना परिसर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली महिला सिपाही नीतू शुक्ला की। इस मामले से जुड़े ‘चार अंक’ का फेर अबतक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है।

बांदा, 11 सितंबर (आईएएनएस)। घटना की तारीख ‘चार’ सितंबर, मौत का समय शाम ‘चार’ बजे, आरोपी ‘चार’ पुलिसकर्मी, मृतका के मोबाइल फोन में ‘चार’ सिम कार्ड और सुसाइड नोट भी ‘चार’ माह पुराना! जी हां, हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश में बांदा जिले के कमासिन थाना परिसर में कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली महिला सिपाही नीतू शुक्ला की। इस मामले से जुड़े ‘चार अंक’ का फेर अबतक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है।

इसे इत्तेफाक ही कहेंगे कि कमासिन थाना परिसर में बने सरकारी आवास में जिस महिला सिपाही कुमारी नीतू शुक्ला (25) ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, उसमें ‘चार अंक’ का फेर मौत से लेकर जांच पड़ताल तक पाया जा रहा है, और अब सुसाइड नोट भी ‘चार’ माह पुराना बताया जाने लगा है। कथित तौर पर फांसी लगाने की तारीख चार सितंबर है, तो पोस्टमॉर्टम रपट के अनुसार मौत का समय शाम चार बजे।

पुलिस अधीक्षक ने जब रात में उसके कमरे की तलाशी ली तो फोन में चार सिम कार्ड और बिस्तर के नीचे बरामद सुसाइड नोट या कागज चार माह पुराना मिले हैं। इस कथित सुसाइड नोट में चार सिपाहियों को उसकी मौत का जिम्मेदार मान कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। मृत सिपाही के पिता ने भी अपनी तहरीर में चार पुलिसकर्मियों को ही आरोपी ठहराया है। लेकिन, चार अंक का यह फेर अभी तक अनसुलझा रहस्य बना हुआ है।

हालांकि पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने सोमवार शाम इस घटना के बारे में फोन पर बेबाकी से बात की और कहा कि “घटना के दिन का कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। जो कागज बरामद हुए हैं, वे मई माह में लिखे गए प्रतीत होते हैं और इन्हीं कागजों को सुसाइड नोट मान कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।”

उच्चाधिकारियों को लिखे पत्र में इन्हीं कागजों का जिक्र किया गया है। बरामद कागजों पर दर्ज इबारत की तिथि का उल्लेख नहीं है, लेकिन जिन चार सिपाहियों के विरुद्ध उत्पीड़न किए जाने का आरोप है, उनमें से दो का स्थानांतरण मई माह में अन्यत्र हो चुका है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि ये कागज मई माह में ही लिखे गए होंगे।

पुलिस अधीक्षक ने कहा, “आत्महत्या के बाद जिस समय थाने के पुलिसकर्मी नीतू के कमरे में गए, उस समय उसके फोन में वीडियो रिकार्डिग चालू थी। लेकिन आपा-धापी में फोन नंबर लॉक हो गया। लिहाजा फोन का लॉक खुलवाने और जांच के लिए लखनऊ भेजा गया है, शायद वीडियो रिकॉर्डिग में नया सुसाइड नोट मिल जाए।”

उन्होंने कहा, “घटना की जांच के लिए सोमवार को ही सीओ सदर कुलदीप गुप्ता कमासिन थाने गए थे और बंद कमरे में पुलिकर्मियों के अलावा कई ग्रामीणों को अलग-अलग बुला कर बयान दर्ज किए हैं, जांच निष्पक्ष और गहन तरीके से की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, उसे किसी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा।”

कुल मिलाकर ‘चार अंक’ के फेर में सिमटे महिला सिपाही की मौत का रहस्य अभी अनसुलझा बना हुआ है। अगर मोबाइल की वीडियो रिकॉर्डिग में कोई नया तथ्य मिलता है तो ठीक, वरना महिला सिपाही की मौत का पर्दाफाश होना आसान नहीं है।

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