मंगलवार को जिले की पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए मां-बाप और भाई को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने प्रेम संबंधों की वजह से नाबालिग की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया।
ठाकुरद्वारा के ग्राम कमालपुरी खालसा में पांच जून को नाबालिग युवती तबस्सुम (16) का शव जंगल में नहर किनारे पड़ा हुआ मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसकी शिनाख्त कमलापुरी निवासी तब्बसुम पुत्री तौफीक के रूप में की थी। मौके पर पहुंची मां कसीदन, बाप तौफीक और भाई सायम ने किशोरी की पहचान करते हुए तीन युवकों नितिन, अर्जुन और हरजीत पर अपहरण कर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस को मृतका के गले और सिर पर चोट के निशान मिले थे।
पुलिस ने मोबाइल का सीडीआर निकलवाया, जिसमें तबस्सुम के परिजनों द्वारा नामजद किए तीनों लड़कों से गहन पूछताछ में नामजदगी झूठी पाई गई थी। इसके बाद भी परिजन तीनों युवकों पर हत्या का आरोप लगाते रहे।
हालांकि बेटी को आखिरी बार कब देखा गया और बेटी कब लापता हुई या उसका अपहरण किया गया, इस बारे में परिजन अपने बयान बदलते रहे। शक होने पर पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेते हुए कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें तीनों ने गुनाह कबूल लिया।
मंगलवार को पुलिस ने बताया कि तबस्सुम के किसी युवक से प्रेम संबंध थे, जिसके खिलाफ परिजन थे। बेटी के नहीं मानने पर पिता तौफीक उसकी मां कसीदन और उसका भाई सायम ने मिलकर रविवार को रात दस बजे ही तबस्सुम की हत्या कर दी थी। फिर उसकी लाश को टवेरा गाड़ी में रख कर नहर में फेंक आए थे, जिससे किसी को शक न हो।
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