गरौठा थाना क्षेत्र के ग्राम केदारताई में बच्ची की हत्या दिवाली के ठीक एक दिन बाद कर दी गई थी। उसके साथ दुष्कर्म किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है।
हत्यारोपियों ने पीड़िता की हत्या का जुर्म तो कबूला, मगर दुष्कर्म के आरोप से मुकर गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं की गई है।
गौरतलब है कि 12 नवंबर को शाम गरौठा थाना क्षेत्र के ग्राम केदारताई ग्राम में बच्ची दिव्या के परिजनों ने थाना गरौठा आकर सूचना दी कि लगभग 6 बजे शाम में उनकी बच्ची मंदिर गई हुई थी। जब वह घर लौट रही थी तो रास्ते में अज्ञात व्यक्तियों ने पकड़कर उसकी हत्या कर दी है। रामदीन अहिरवार के बाड़े में बच्ची का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।
सूचना पर थाना गरौठा में धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया और हत्यारों की तलाश शुरू कर दी गई। बच्ची के परिजनों व घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने हत्या से पहले मासूम के साथ दुष्कर्म का अंदेशा भी जताया था।
यह मामला मीडिया व लोगों में चर्चा का विषय बना रहा। पुलिस ने भी मामले की तह तक जाने के लिए रातदिन एक कर दी।
पुलिस टीम को उस समय सफलता मिली, जब मुखबिर ने सूचना दी कि गरौठा मऊरानीपुर रोड के बस स्टैंड पर ग्राम केदारताई में बच्ची की हत्या करने वाले दोनों हत्यारे मौजूद हैं, जो कहीं भागने की फिराक में है। पुलिस ने गरौठा बस स्टैंड पर दबिश देकर दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।
एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के अनुसार, अभियुक्तों ने पूछताछ में अपना नाम मुन्ना साहू निवासी ग्राम केदारताई व राम नरेश उर्फ राजू यादव बताए।
आरोपियों ने बताया, “हम लोग दिव्या के घर के बगल में रहने वाली महिला राजाबेटी के घर शराब पीने गए थे। हम नशे की हालत में थे, तभी दिव्या वहां से गुजर रही थी। मुन्ना साहू ने उसे पकड़ा और एक निर्माणाधीन कमरे में उसे खींचकर ले गया। वह चीखी और उसका सिर दीवार से टकरा गया। मुन्ना ने इस बीच एक ईंट उठाकर उसके सिर पर मार दी। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। इसके बाद हम भाग गए।”
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