लखनऊ /बिजनौर, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बिजनौर जिले के सहसपुर गांव में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) अधिकारी तंजील अहमद हत्याकांड के मामले में पुलिस ने मंगलवार को 10 दिन बाद बड़ा खुलासा करने का दावा किया। पुलिस ने बताया है कि मुनीर ने ही तंजील को गोलियां मारी थीं।
बरेली जोन के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) विजय सिंह मीणा ने पुलिस लाइन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह दावा किया।
उन्होंने बताया कि तंजील की हत्या मुनीर गैंग ने की है। इसमें उनका एक रिश्तेदार रेयान भी शामिल था। रेयान और उसके एक अन्य साथी जैनी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुनीर अभी भी फरार है।
आईजी के मुताबिक, हत्या के पीछे प्रॉपर्टी का विवाद, दिल्ली में हुए एक पुलिस मामले में तंजील अहमद द्वारा रेयान के परिवार की मदद न करना और अन्य कारणों से निजी रंजिश रखना सामने आया है।
आईजी ने फिलहाल इस हत्याकांड का किसी भी तरह किसी आतंकी संगठन से संबंध होने से इन्कार कर दिया है। उन्होंने यह जरूर कहा कि जांच अभी भी जारी है और ‘टेरर कनेक्शन’ के सिलसिले में एनआईए ही जांच कर रही है।
आईजी मीणा ने बताया कि दिसंबर में धामपुर में बैंक के 91 लाख रुपये की लूट में भी मुनीर गैंग का हाथ होने की बात सामने आई है।
उन्होंने बताया कि बैंक कैश लूटकांड और इस वारदात में 91 एमएम की पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। दोनों के बुलेट के खोखों की लखनऊ फॉरेंसिक लैब में जांच कराई गई तो दोनों की रिपोर्ट एक जैसी ही आई।
आईजी ने बताया कि बैंक लूट के बाद से ही मुनीर गैंग पुलिस के रडार पर था। पुलिस को मालूम चल चुका था कि घटना में सहसपुर के गैंग का हाथ है। मुनीर को शक था कि इस मामले में तंजील अहमद ने मुखबिरी की है। इस कारण उसकी रंजिश और बढ़ गई थी।
उल्लेखनीय है कि दो अप्रैल की रात तंजील अहमद जब अपनी भांजी की शादी से लौट रहे थे, उसी समय उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उनकी पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह इस समय नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती हैं।
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