बिजनौर में छेड़छाड़ को लेकर हुए खूनी संघर्ष में चार लोगों की मौत पर संवेदना जताते हुए रालोद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है जो निंदनीय है। संघर्ष में घायल लोगों की समुचित देखभाल बिजनौर के जिला प्रशासन को करना चाहिए, केवल धनराशि दे देने से सरकार का उत्तरदायित्व पूरा नहीं होता।
डॉ. अहमद ने कहा कि तीन साल पहले सपा और भाजपा का पश्चिमी उप्र को दंगों की आग में झोंककर राजनैतिक रोटियां सेकी थीं।
रालोद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सपा एवं भाजपा शासित प्रदेशों में महिलाओं के प्रति अत्याचारों का ग्राफ बढ़ा है और महिला सुरक्षा के प्रति दोनों ही पार्टियों की सरकारें उदासीन हैं। सपा सरकार पूरा कार्यकाल पारिवारिक विवादों के निपटारा करने में लगा रहा। वहीं भाजपा की सरकारें अपने सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में मस्त है।
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