लखनऊ, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को चुनाव पूर्व किए अपने वादे को पूरा करते हुए लघु और सीमांत किसानों का 36,359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई पहली मंत्रिमंडलीय बैठक में यह फैसला किया गया।
बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि इसके साथ ही चुनाव पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष अमित शाह द्वारा राज्य के किसानों से किए गए वादे को पूरा कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य के 2.3 करोड़ किसानों में से 92.5 फीसदी किसान (2.15 करोड़) लघु और सीमांत हैं।
किसानों द्वारा गेंहू और धान के बीज खरीदने और कीटनाशकों तथा खाद खरीदने के लिए लिए गए कर्ज माफ होंगे।
कर्ज माफी का फायदा राज्य के दो करोड़ 15 लाख किसानों को मिलेगा, जिनका कुल 30,729 करोड़ रुपये माफ होगा। सरकार ने किसानों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ किया है।
सिद्धार्थनाथ ने कहा कि राज्य के कुल सात लाख किसानों ने बैंकों से लिया कर्ज नहीं चुकाया है, जिन्हें अब एनपीए करार दे दिया गया है। सरकार ने उनके 5,630 करोड़ रुपये का कर्ज भी माफ करने का फैसला किया है।
उन्होंने कहा कि इस तरह कुल मिलाकर राज्य सरकार राज्य के किसानों का कुल 36,359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर रही है।
उन्होंने कहा कि बैठक में प्रदेश के किसानों को बिचौलियों से मुक्त करने का भी फैसला किया गया है।
उन्होंने कहा कि चूंकि राज्य को अपना वित्तीय घाटा कुल सकल घरेलू उत्पाद का तीन फीसदी से कम रखना है, इसलिए राज्य सरकार किसानों की माफ की गई कर्ज की राशि की भरपाई ‘किसान रिलीफ बॉण्ड’ के जरिए की जाएगी।
सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि इस बॉण्ड के प्रारूप पर काम चल रहा है और संबंधित औपचारिकताएं विधानसभा के आगामी बजट सत्र के दौरान पूरी कर ली जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कर्ज माफी के दायरे में सहकारी बैंकों सहित सभी बैंक आते हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार ने पाया है कि आलू के उचित मूल्य किसानों को नहीं मिलते, इसके लिए तीन सदस्यीय समिति बनाई गई है। सरकार ने एक बड़ा फैसला यह भी लिया है कि समिति इस बात का अध्ययन करेगी कि आने वाले समय में हम आलू पैदा करने वाले किसान को किस तरह से राहत दे सकें।
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