लखनऊ, 9 नवम्बर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में उप्र में खाद्य सुरक्षा कानून लागू करने पर भी मुहर लग गई। उप्र में अब मकान और प्लॉट की रजिस्ट्री भी महंगी हो गई है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कैबिनेट की बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी।
कैबिनेट की बैठक में अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए। उप्र में राजस्व संहिता कानून में संशोधन कर दिया गया है। इसके तहत अब जिलाधिकारी की मंजूरी से ही पट्टे की जमीन बेची जा सकेगी। पट्टे की जमीनों पर अब लोगों को मालिकाना हक भी मिलेगा।
प्रदेश में मकान और प्लाट की रजिस्ट्री को महंगा करते हुए रजिस्ट्री फीस 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। कैबिनेट ने जसवंत नगर को मॉडल तहसील बनाने का भी निर्णय लिया है। उप्र में राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड का भी गठन होगा।
इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव-2015 की ड्यूटी में तैनात किए जाने वाले कर्मचारियों के साथ कोई हादसा होने पर दी जाने वाली मुआवजा राशि में वृद्घि करने का भी निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट ने सिंचाई विभाग की जेई नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। लखनऊ में लोहिया हॉस्पिटल में लैब आदि के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूर कर लिया गया है।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि बिहार की जनता ने साम्प्रदायिक ताकतों को सबक सिखाया है। वहां की जनता ने देश के संविधान में भरोसा जताते हुए मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी कर अपना निर्णय दिया है।
उन्होंने बिहार के चुनाव नतीजों से सम्बंधित सवालों के जवाब में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद को इस बेहतरीन जीत के लिए बधाई भी दी। बिहार की जनता ने साम्प्रदायिक ताकतों को विधानसभा चुनाव में सबक सिखाने का काम किया है।
अखिलेश ने कहा कि वह बजट के बाद उप्र के चुनाव पर बात करेंगे। उन्होंने इस सम्बंध में सभी सवाल टाल दिए।
सोमवार की बैठक में कैबिनेट में एक और प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत लखनऊ के जेपी सभागार में समाजवादी नेताओं का म्यूजियम बनाया जाएगा।
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