उप्र में गन्ने की खेती से जुड़े युवा बनेंगे उद्यमी

लखनऊ, 11 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान ने गुड़ के कारोबार से जुड़े किसानों को उद्यमी बनाने के लिए नई शुरुआत की है। संस्थान के अधिकारियों का दावा है कि यहां के वैज्ञानिकों ने रसायनयुक्त गुड़ बनाने की विधि बनाई है और इससे वह उन युवाओं को मदद करना चाहते हैं, जो गुड़ के कारोबार को अपना व्यवसाय बनाना चाहते हैं।

लखनऊ, 11 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान ने गुड़ के कारोबार से जुड़े किसानों को उद्यमी बनाने के लिए नई शुरुआत की है। संस्थान के अधिकारियों का दावा है कि यहां के वैज्ञानिकों ने रसायनयुक्त गुड़ बनाने की विधि बनाई है और इससे वह उन युवाओं को मदद करना चाहते हैं, जो गुड़ के कारोबार को अपना व्यवसाय बनाना चाहते हैं।

भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान का दावा है कि इससे गन्ना उत्पादन करने वाले किसानों को काफी फायदा मिलेगा। लखनऊ स्थित गन्ना संस्थान लंबे समय से बेहतर गन्ना उत्पादन करने के लिए किसानों की मदद कर रहा है। इससे आगे बढ़कर अब संस्थान ने गुड़ का उत्पादन करने की योजना बनाई है।

संस्थान के निदेशक डॉ. ए.डी. पाठक के मुताबिक, बिहार में ज्यादातर चीनी मिलें बंद होने से किसानों ने गन्ने का उत्पादन कम कर दिया था। इसे देखते हुए संस्थान ने गन्ना किसानों को उद्यमी बनाने की योजना बनाई है। ये उद्यमी किसानों से गन्ना खरीदकर वैज्ञानिक विधि से स्वादिष्ट एवं सेहतमंद गुड़ बनाएंगे।

संस्थान के वैज्ञानिकों की मानें तो गुड़ उत्पादन के लिए बिहार और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में नई इकाइयों की शुरुआत की गई है। योजना की सफलता देखने के बाद इसे दूसरे जिलों में भी जल्द ही शुरू किया जाएगा।

वैज्ञानिकों का मानना है कि कि गुड़ की उत्पादकता बढ़ाने के लिए गुड़ निर्माण भट्ठी और चिमनी को बेहतर तरीके से डिजाइन किया गया है। गुण निर्माण में चिमनी से कम धुआं निकलेगा, जिससे पर्यावरण को भी प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है। गन्ना अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने गुड़ को पूरी तरह से रसायनयुक्त रखा है, जिसकी वजह से यह सेहत के लिए भी काफी अच्छा साबित होगा।

संस्थान से जुड़े वैज्ञानिकों ने बताया कि युवाओं को गुड़ तैयार करने में मदद दी जाएगी। कोई भी युवा गुड़ बनाने की कार्ययोजना का प्रस्ताव तैयार कर संस्थान से संपर्क कर सकता है। यदि उनका प्रस्ताव संस्थान को पसंद आएगा, तो उसे अपना कारोबार शुरू करने में संस्थान की ओर से मदद दी जाएगी।

इसके अलावा युवा उद्यमियों की ओर से तैयार किए जाने वाले गुड़ को संस्थान की तरफ से बाजार भी मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए बाबा रामदेव के ब्रांड ‘पतंजलि’ से करार किया गया है।

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