उप्र की बिगड़ी कानून-व्यवस्था के बावजूद सूबे के राज्यपाल और केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा कार्रवाई न किए जाने को आधार बनाते हुए मायावती ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा और सपा की नूरा-कुश्ती चल रही है।
रविवार को लखनऊ में मीडिया से मुखातिब मायावती ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह पर हमला बोलते हुए भाजपा के बूथ सम्मेलनों को नाटक करार दिया। इसके साथ-साथ स्वामी प्रसाद मौर्य और आर.के. चौधरी का बसपा से इस्तीफा देने के सवाल पर मायावती ने कहा कि ‘आया राम गया राम’ से बसपा के जनाधार पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है।
मायावती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी अब किसी भी कीमत पर उप्र की सत्ता हासिल करना चाहती है। इसके लिए वह दंगे-फसाद तथा धार्मिक उन्माद जैसे घिनौने हथकंडे भी अपनाएगी।
बसपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार को उसके दो वर्ष के कार्यकाल में उसके किए सभी वायदे पूरा करने में विफल करार देते हुए कहा कि केंद्र में दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान भाजपा ने एक भी ऐसा काम नहीं किया है, जिससे उसका जनाधार बढ़े।
उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भले ही लोग भाजपा के झांसे में आ गए हों, लेकिन अब कोई इनके झांसे में नहीं आएगा।
मायावती ने कहा कि मोदी ने कहा था कि देश का काला धन जो विदेशों में जमा है, उसे हम सरकार बनने के सौ दिन के अंदर वापस लाएंगे। इस बड़ी धनराशि में से 15-15 लाख रुपया गरीबों में बांटा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
बसपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा उप्र के विधानसभा चुनाव में अब कौन सा नया शिगूफा लेकर जनता के समक्ष जाएगी, यह भाजपा को सूझ नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा को सत्ता पाने के लिए कोई ठोस आधार नहीं मिल रहा है।
मायावती ने भाजपा पर यह भी आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान उप्र की जनता से इस पार्टी ने वादा किया था कि हम सरकार में आते ही कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दखल देंगे, पर चुनाव के बाद अब तक अपने इस वायदे पर अमल नहीं किया।
माया ने मोदी और अखिलेश सरकार को खराब कानून व्यवस्था के लिए दोषी ठहराया और कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस पर भी बेतुके बयान दे रहे हैं। पिछले दिनों उन्होंने कह दिया कि क्या इसे सुधारने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा आएंगे? उनका यह बयान बचकाना और गैर जिम्मेदाराना है।
मायावती ने कहा कि भाजपा अब कांग्रेस की राह पर चल रही है। बाबरी विध्वंस के समय उप्र में कांग्रेस ने राष्ट्रपति सरकार नहीं लगाया था, अब सपा सरकार की खराब कानून व्यवस्था के बावजूद भाजपा राष्ट्रपति शासन नहीं लगा रही है। उन्होंने कहा कि चुनावी लाभ के लिए सपा और भाजपा दोनों मिले हुए हैं।
प्रेसवार्ता के दौरान मायावती ने कहा कि बिहार चुनाव से भाजपा को सीख लेनी चाहिए। बिहार की तर्ज पर यूपी की जनता भी भाजपा को सबक सिखाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को अब सिर्फ उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी को मजबूत करने की जरूरत है।
dharmpath.com dharmpath