लखनऊ, 20 नवम्बर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी महागठबंधन को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इस बीच राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कोई भी गठबंधन रालोद के बिना अधूरा ही रहेगा। रालोद नेताओं का दावा है कि दल के साथ जो कोई भी गठबंधन करेगा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासी पिच पर उसे ही विजय मिलेगी।
लखनऊ, 20 नवम्बर (आईएएनएस)। बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब उत्तर प्रदेश में भी महागठबंधन को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। इस बीच राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) का कहना है कि उत्तर प्रदेश में कोई भी गठबंधन रालोद के बिना अधूरा ही रहेगा। रालोद नेताओं का दावा है कि दल के साथ जो कोई भी गठबंधन करेगा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासी पिच पर उसे ही विजय मिलेगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व रालोद के राष्ट्रीय महासचिव डा. मसूद अहमद ने आईएएनएस के साथ विशेष बातचीत के दौरान यह दावा किया। मसूद ने कहा कि बिहार चुनाव के बाद अब यह तय हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हराना है, तो उत्तर प्रदेश में भी महागठबंधन करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह और जयंत सिंह शिरकत कर रहे हैं। जाहिर है वहां जब नीतीश कुमार से उनकी मुलाकात होगी तो उत्तर प्रदेश में भी गठबंधन की संभावनाओं पर विचार होगा।
मसूद ने कहा, “लोकसभा के समय राजनीतिक समीकरण दूसरे थे। अब वह समीकरण बदल गए हैं और बदले समीकरण के बीच पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब 100 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जिस पर वही दल जीतेगा जो रालोद के साथ गठबंधन करेगा।”
मसूद ने कहा कि रालोद के अध्यक्ष अजित सिंह बिल्कुल बेदाग हैं। उत्तर प्रदेश में उनके कद का कोई नेता नहीं है।
रालोद नेता ने कहा कि राजनीति संभावनाओं का खेल है और गठबंधन के इस दौर में आने वाले समय में राजनीति में आश्चर्यजनक बदलाव देखने को मिल सकता है।
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