उन्होंने कहा कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध बूचड़खाने चल रहे थे, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जवाब देना चाहिए कि अब तक सभी बूचड़खानों का लाइसेंस क्यों नहीं बनाया गया?
सिंह ने प्रेसवार्ता में कहा, “वैध बूचड़खानों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वैध लाइसेंस वाले बूचड़खाने चलाने वालों को डरने की जरूरत नहीं है। वैध बूचड़खानों को तय मानकों का पालन करना ही होगा।”
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान ही घोषणा की गई थी कि प्रदेश में अवैध बूचड़खाने बंद होंगे। इस सिलसिले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की ओर से भी आदेश जारी किया गया था।
मंत्री ने कहा, “हमने काम शुरू कर दिया है। यह पहली सरकार है, जिसने बिना कैबिनेट की बैठक के 150 फैसले लिए हैं।”
उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़े पैमाने पर अवैध बूचड़खाने चल रहे थे। जो लोग कानूनी रूप से नियमों को पालन कर रहे हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। चिकन और अंडे बेचने पर सरकार ने कोई रोक नहीं लगाई गई है। लोग सोशल मीडिया पर चल रही खबरों पर ध्यान न दें।
यह ध्यान दिलाने पर कि अवैध बूचड़खाने बंद होने से सैकड़ों परिवार भुखमरी की हालत में पहुंच गए हैं, सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि जनता की भूख की चिंता तो पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को करनी चाहिए थी। वह जवाब दें कि अब तक उन्होंने सभी बूचड़खानों का लाइसेंस क्यों नहीं बनवाया।
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