लखनऊ, 14 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों में पीपीपी मडल पर डायलिसिस केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों पर सभी मरीजों की डायलिसिस जांच मुफ्त होगी। इसके अलावा कानपुर में मेट्रो के विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को मंजूरी मिल गई। अब इसके लिए आवश्यक धन संबंधी प्रस्ताव को केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा।
सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पत्रकारों को कैबिनेट की बैठक से संबंधित फैसलों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पहले ही सरकारी अस्पतालों में दवा और पैथोलॉजी जांच मरीजों के लिए मुफ्त कर चुकी है। अब मंडल मुख्यालयों पर बनने वाले डायलिसिस केंद्रों पर भी यह सुविधा मिलेगी।
अखिलेश ने कहा कि कानपुर मेट्रो के डीपीआर को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। जल्द ही वहां मेट्रो का शिलान्यास किया जाएगा। इसके बाद वाराणसी में भी मेट्रो चलाने की कवायद उत्तर प्रदेश सरकार शुरू करेगी।
कैबिनेट की बैठक में कई अन्य अहम फैसले भी लिए गए। सीमेंट पर एक फीसदी अतिरिक्त टैक्स बढ़ने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई। इससे सीमेंट तीन से पांच रुपये तक महंगी हो जाएगी।
कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि आगरा जिले की शमसाबाद नगर पालिका को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही यूपीएसआईडीसी के औद्योगिक एरिया के प्लाट को फ्री होल्ड करने और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बस अड्डों को बनाने के लिए नियम सरल करने पर भी कैबिनेट की बैठक में मुहर लगी।
समेकित बाल संरक्षण योजना के फंडिंग नियमों में भी संशोधन की मंजूरी मिल गई। कृषि विभाग की मोबाइल सोलर संयंत्र व पंप योजना को मंजूरी मिली। चक गंजरिया में कैंसर इंटीट्यूट के लिए पशुपालन विभाग के भवन को गिराने को मंजूरी भी दे दी गई।
लखनऊ में पंचायती राज इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेनिंग की स्थापना करने को मंजूरी मिली साथ ही उत्तर प्रदेश वरिष्ठ नागरिक नीति को मंजूरी प्रदान कर दी गई। श्रम विभाग के अधिकारियों को सीयूजी मोबाइल फोन की सुविधा देने पर भी मुहर लग गई।
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