आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक अवधेश कुमार वर्मा, केबी राम, राम शब्द जैसवारा, आरपी केन, अनिल कुमार, श्यामलाल, राम बरन, रीना रजक, अन्जनी कुमार, लेखराम, दिनेश कुमार, अशोक सोनकर, बनी सिंह, विजय कुमार, जितेन्द्र कुमार, डा. प्रियंका सिंह रावत व सुशील कुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस तरह प्रदेश सरकार द्वारा दलित कार्मिकों का उत्पीड़न सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आड़ में किया जा रहा है, वह अब दलित कार्मिकों की सहनशीलता से ऊपर पहुंच गया है। ऐसे में सभी को ‘करो या मरो’ की तर्ज पर आरक्षण पर होने वाले सभी कार्यक्रमों को सफल बनाना है।
समिति के नेताओं ने कहा कि लखनऊ में गुरुवार को ‘काला दिवस’ कार्यक्रम में आरक्षण पर चलाए जा रहे आंदोलन की समीक्षा होगी और आंदोलन को आगे अधिक व्यापक रूप देने का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में आठ लाख आरक्षण समर्थक अपने-अपने जिलों में काला दिवस मनाकर उप्र सरकार को अपनी ताकत का एहसास कराएंगे।
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