उन्होंने कहा, “प्रदेश में 93 पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय पद्धति विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इनमें से 27 विद्यालय बालिकाओं के लिए तथा 66 विद्यालय बालकों के लिए संचालित किए जा रहे हैं। इन विद्यालयों में 60 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं जनजाति, 25 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग एवं 15 प्रतिशत सामान्य वर्ग के छात्रों को प्रवेश दिए जाने की व्यवस्था है। इस वर्ष इन विद्यालयों के लिए 175 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है।”
शास्त्री मंगलवार को भागीदारी भवन गोमती नगर में पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में ‘स्मार्ट क्लास’ परियोजना एवं प्रशिक्षण कार्यशाला के कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा, “प्रशिक्षण कार्यशाला में शिक्षक प्रशिक्षण सही से प्राप्त करें तथा यहां पर जो भी जानकारी दी जा रही है, उसको गंभीरता से लें, जिससे क्लास में बच्चों को पढ़ाते समय सही से शिक्षा दे सके। शिक्षक बच्चों के भविष्य के निर्माता हैं। शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को बहुत ही मेहनत एवं ईमानदारी से निर्वहन करें।”
उन्होंने कहा कि शिक्षक शासन की मंशा के अनुरुप कार्य करना सुनिश्चित करें।
समाज कल्याण मंत्री ने कहा, “इन विद्यालयों का संचालन नवोदय विद्यालय के पैटर्न पर सीबीएसई बोर्ड के माध्यम से कराया जा रहा है। सभी राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तथा शैक्षणिक कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित कराए जाने की व्यवस्था भी की जा चुकी है।”
उन्होंने कहा कि अध्ययनरत छात्रों को आधुनिकतम ढंग से शिक्षित किए जाने के लिए 30 विद्यालयों में स्मार्ट क्लासों की व्यवस्था कराई जा चुकी है।
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