कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने भारतीय गणराज्य को एक सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, वह अविस्मरणीय है। उन्होंने भारत की एकता व अखंडता को एक नई दिशा दी। उनके मूल्यों व आदशरें पर चलकर ही हम एक श्रेष्ठ भारत की संकल्पना को साकार कर सकते हैं।
योगी ने कहा कि अंग्रेजी सरकार ने अपनी कुत्सित मंशा के चलते आजादी के समय राजे रजवाड़ों को अपनी इच्छा से भारत या पाकिस्तान में शामिल होने या स्वतंत्र रहने की अनुमति दी। सरदार पटेल ने अपनी ²ढ़ इच्छाशक्ति और कुशलता से न केवल 543 से अधिक रियासतों का भारत में विलय कराया, बल्कि जूनागढ़ और हैदराबाद जैसी भारत में विलय से इनकार करने वाली रियासतों को लौह पुरुष के अनुरूप आचरण करके भारत में मिलाने का अद्वितीय कार्य किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि तत्कालीन भारत सरकार ने सरदार पटेल के अनुरूप काम किया होता तो कश्मीर की समस्या सहित वे सभी अन्य समस्याएं न होतीं, जो आज देश के लिए नासूर बन गई हैं।
योगी ने विश्वास जताया कि लोग सरदार पटेल के दिखाए रास्ते का अनुसरण करते हुए देश को जाति, मजहब में बंटने नहीं देंगे और देश की स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा करने के लिए तत्पर रहेंगे।
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