इस दौरान रालोद ने विधानसभा भवन के घेराव का प्रयास भी किया। प्रदर्शनकारियों के उग्र होने के बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसकी पार्टी नेताओं ने निंदा की।
किसानों की कर्जमाफी, बेरोजगारों को रोजगार देने व किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर आयोजित इस प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने अनंतनाग में अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आज हमले में शहीद हुए अमरनाथ यात्रियों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने का दिन है, लेकिन प्रदेश और केंद्र सरकार को किसानों के प्रति वादाखिलाफी की याद भी दिलाना जरूरी है।
उनकी हिदायत के बाद भी रालोद कार्यकर्ताओं ने विधान भवन का घेराव करने की कोशिश की। कार्यकर्ताओं को विधानसभा तक पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। पुलिस ने सड़क पर बैरिकेड लगाकर कार्यकर्ताओं को रोका। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने इन्हें रोक लिया।
जयंत ने कहा कि कार्यकर्ता शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, प्रशासन ने बर्बरतापूर्वक कार्रवाई करके निंदनीय कार्य किया है।
प्रदर्शन में शामिल रालोद प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मसूद अहमद ने प्रशासनिक कार्रवाई की भर्त्सना करते हुए लखनऊ के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निलंबन की मांग की।
उन्होंने कहा कि निहत्थे किसानों एवं बेरोजगार नवयुवकों तथा रालोद कार्यकर्ताओं के शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर दो बार लाठीचार्ज कर पुलिस प्रशासन का बर्बरतापूर्ण व्यवहार सर्वथा निंदनीय है और योगी सरकार की अकर्मण्यता का जीता जागता उदाहरण है।
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