इसी क्रम में शनिवार को विभिन्न संगठनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर प्रदर्शन कर राहित के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के सामने एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने दोपहर बाद प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन के अधिकारी को ज्ञापन देकर प्रदर्शन समाप्त किया।
मैगसेसे पुरस्कार विजेता संदीप पाण्डेय ने कहा कि शैक्षिक संस्थानों में भेदभाव, शोषण समाप्त करने के लिए सरकारों को सख्त कदन उठाने चाहिए। खासकर जो जाति, वर्ग धर्म या विचारधारा के कारण हो। उन्होंने रोहित की आत्महत्या के लिए केन्द्रीय मंत्रियों और विश्वविद्यालय के कुलपति को जिम्मेदार ठहराते हुए सभी को पद से बर्खास्त करने की मांग की।
लखनऊ यूथ कनेक्ट के संस्थापक आदिल सिद्दकी ने कहा कि देश में जातिवाद की राजनीति खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ठोस कदम उठाने चाहिए, जिससे कोई और रोहित तैयार न हो।
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