आर्यन खास तौर पर बच्चों को बहुत पसंद था। उसकी दहाड़ जहां बच्चों को जहां रोमांचित करती थी, चिड़ियाघर की पहचान भी बन गई थी। उसकी मौत की जानकारी मिलते ही कीपर मुबारक समेत सारा जू स्टाफ शोक में डूब गया।
चिड़ियाघर के अस्पताल प्रांगण में निदेशक, रेंजर और कीपर ने उसे 20 किलो की माला अर्पित कर अंतिम विदाई दी। उप निदेशक डॉ. उत्कर्ष शुक्ला भी आर्यन के निधन से काफी दुखी हैं। उन्होंने बताया कि नियमानुसार उसका पोस्टमार्टम होगा। आर्यन के चले जाने से अब उसके बाड़े के आसपास सन्नाटा पसरा है। उसके साथ बाड़े में रहने वाले व्हाइट टाइगर के दो बच्चे जय और विजय भी गुमसुम हैं।
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