राज्यपाल ने यह भी बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी अवगत कराया जा चुका है।
राज्यपाल ने विधानसभा अध्यक्ष को अवगत कराया कि किन कारणों से उनके पास छह विधेयक -उत्तर प्रदेश नगरपालिका विधि (संशोधन) विधेयक, 2015, उत्तर प्रदेश नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2015, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक, 2015, उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई इटावा विधेयक, 2015, उत्तर प्रदेश लोकायुक्त तथा उपलोकायुक्त (संशोधन) विधयेक, 2015 तथा डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान विधेयक, 2015- विचाराधीन हैं।
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