बांदा, 8 जनवरी (आईएएनएस)। बुंदेलखंड क्षेत्र में पूर्ण शराबबंदी की मांग को लेकर लड़ाई लड़ रही ‘नारी इंसाफ सेना’ (एनआईएस) की प्रमुख वर्षा भारती ने रविवार को बांदा जिला मुख्यालय से सटे मवई बुजुर्ग गांव में करीब पांच दर्जन महिलाओं के बीच बैठककर उन्हें शराब से होने वाले नुकसान बताकर पूर्ण शराबबंदी की मांग का समर्थन करने को राजी किया है।
‘नारी इंसाफ सेना’ (एनआईएस) की प्रमुख वर्षा भारती ‘मिर्ची’ ने मवई बुजुर्ग गांव में कमला देवी नामक सामाजिक कार्यकत्री के निजी आवास में रविवार को आयोजित महिलाओं की बैठक में कहा कि घरेलू महिलाएं चूल्हा-चौका तक ही सीमित रहती हैं और पुरुष वर्ग आए दिन शराब के नशे में उनका उत्पीड़न करते हैं।
उन्होंने कहा कि घरेलू विवाद आगे न बढ़े, इसलिए महिलाएं यह जुल्म चुपचाप बर्दाश्त करती हैं। शराबी पुरुष जहां लत की वजह से गृहस्थी बर्बाद कर रहे हैं, वहीं बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और रहन-सहन व स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
वर्षा ने बताया, “बैठक में कमला, अंजू, नीलम, नेता और गुड़िया सहित करीब पांच दर्जन महिलाओं ने भागीदारी की है और ‘पूर्ण शराबबंदी’ के अभियान को समर्थन देने की बात कही है।”
उन्होंने बताया कि बुधवार को चित्रकूट जिले से सटे कछार पुरवा गांव में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच बैठक आहूत की गई है। इस जिले में लोग खेतों में कच्ची शराब बनाने का धंधा करते हैं। एनआईएस का अगला निशाना अवैध शराब की भट्ठियां होंगी।
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