पानी का बहाव तेज होने से आसपास के गांवों में पानी फैल गया। घरों में भी पानी भर गया। साथ ही कई संपर्क मार्ग भी पानी की चपेट में आ गए हैं।
पिढ़तिया और खुटेहना के बीच मुख्य शारदा में गुरुवार को ही रिसाव शुरू हुआ था। देखते ही देखते नहर की करीब 30 मीटर पटरी कट गई, जिससे आसपास के गांव के खेतों में पानी तालाब की तरह भर गया। ग्रामीणों द्वारा बोई फसल डूब गई।
पानी की धारा इतनी तेज हो गई कि नहर का पानी गांव के किनारे के घरों में घुस गया। भयभीत ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह ही प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
सूचना पाकर नहर के अधिशासी अधिकारी ब्रजेश पोरवाल पहुंचे और ग्रामीणों को लगाकर बचाव कार्य शुरू कराया। ग्रामीणों ने बोरियों में बालू भरकर कटान स्थल पर डलवाया, लेकिन उसके बाद भी बहाव की तेज धारा नहीं रुकी। उसके बाद जेसीबी मशीन लगाकर पेड़ों को डलवाकर बहाव रोकने की कोशिश की गई।
गांव के किसानों ने कटी हुई नहर को मिट्टी डालकर बंद करने की कोशिश की। मगर पानी के तेज बहाव के आगे उनकी कोशिश कामयाब नहीं हुई। मिट्टी कुछ ही देर में बह गई और खेतों में फिर से पानी भरने लगा।
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