वक्फ एवं हज राज्यमंत्री मोहसिन रजा गुरुवार को जब शिया वक्फ बोर्ड कार्यालय का निरीक्षण करने पहुंचे तो वहां कार्यालय के बाहर 22वें रजब को कार्यालय बंद रहने का नोटिस लगा था। यह देख मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने इस छुट्टी के नोटिस को लेकर यहां के कर्मचारियों की जमकर क्लास ली।
मंत्री ने कहा, “यह कैसी छुट्टी है, सीएम योगी ने तो 20 अप्रैल को कोई अवकाश घोषित नहीं किया है। आप लोग अभी पुरानी सरकार के हिसाब से कार्य कर रहे हैं। लेकिन यूपी में सत्ता बदल चुकी है, योगी की सरकार आ गई है। यह सब नहीं चलेगा।”
वहीं शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने कहा कि बोर्ड के ऊपर बगैर सबूतों के झूठे इल्जामात लगाकर बोर्ड को बेइज्जत किया जा रहा है। आए दिन मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल को बोर्ड में 22वें रजब की छुट्टी थी। ऐसी धार्मिक छुट्टियां वर्ष 1941 से शिया वक्फ बोर्ड के अलग गठन के बाद से हो रही हैं। बोर्ड के कर्मचारी राज्य कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते। बोर्ड के संचालन से संबंधित अगर कोई निर्देश राज्य सरकार या केंद्र सरकार को देने हैं तो वे लिखित रूप से बोर्ड को दे।
उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। मंत्री मोहसिन रजा इस बोर्ड को भंग कर देना चाहते हैं और अपने समर्थकों को मनोनीत करना चाहते हैं, लेकिन बोर्ड ऐसा होने नहीं देगा।
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