लखनऊ, 9 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को एक बार फिर झटका लगा है। विधान परिषद के सदस्य अशोक वाजपेयी ने सदस्यता से बुधवार को इस्तीफा दे दिया। एमएलसी की सदस्यता छोड़ने वाले वाजपेयी सपा के चौथे नेता बन गए हैं। इससे पहले सरोजिनी अग्रवाल ने अचानक पार्टी और विधान परिषद की सदस्यता छोड़ी दी थी।
सूत्रों के मुताबिक, अशोक वाजपेयी की भाजपा में जाने की तैयारी है। इससे पहले सपा के नेता बुक्कल नबाव, यशवंत सिंह व सरोजिनी अग्रवाल विधान परिषद से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके अलावा बसपा के जयवीर सिंह ने भी एमएलसी सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम लिया था।
अशोक वाजपेयी का विधान परिषद में कार्यकाल 30 जनवरी, 2021 तक था।
अशोक वाजपेयी ने इस्तीफे के बाद पत्रकारों से कहा कि सपा में नेता जी (पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव) की उपेक्षा हो रही थी। जिसने पार्टी को खड़ा किया, उसी की उपेक्षा हो रही है। इस कारण वह खासे आहत थे।
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अपने नेताओं के भाजपा में जाने के सवाल पर कहा था कि जिनको जाना है तो जाएं, लेकिन बहाना न बनाएं। अगली बार उनकी सरकार बनेगी।
सूत्र बताते हैं कि सपा के एमएलसी मधुकर जेतली व राम सकल गूर्जर भी इस्तीफा दे कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
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