लखनऊ, 19 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के वन विभाग में समय से पहले हुए तबादलों के कारण वन कर्मियों के सामने उत्पन्न होने वाली समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश सहायक वन कर्मचारी संघ ने सारे स्थानान्तरणों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि अगर संघ की मांग पर 20 अक्टूबर तक सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो जल्द ही इसके खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
सामान्य तौर पर प्रदेश में वनकर्मियों का स्थानान्तरण अप्रैल महीने में किया जाता है, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने इस नीति को बदल दिया है।
संघ के महामंत्री अमित श्रीवास्तव ने बताया कि शासन की स्थानान्तरण नीति के विपरीत विभागीय अधिकारियों ने स्थानान्तरण व अवकाश के बारे में तुगलकी आदेश जारी किए हैं। इन्हें वापस नहीं लिया गया तो संगठन 21 अक्टूबर को वन मुख्यालय के मुख्य द्वार पर आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर देगा।
श्रीवास्तव के मुताबिक, सरकार की स्थानान्तरण नीति, 2016-17 के विपरीत विभागीय अधिकारियों ने अपने स्तर से तबादला आदेश जारी किए हैं। समय पूर्व स्थानान्तरण होने से वन कर्मियों के समक्ष पारिवारिक दायित्वों के संकट उत्पन्न होने के साथ उनका मनोबल भी गिर रहा है। ऐसे में अगर दोनों तुगलकी आदेश रद्द नहीं हुए तो संगठन 21 अक्टूबर के बाद निर्णायक आन्दोलन करने को बाध्य होगा।
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